पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी DA के मुद्दे को लेकर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को अमन अरोड़ा ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और डॉ. बलजीत कौर के साथ अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के DA से जुड़े मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा और कर्मचारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकारी कर्मचारी किसी भी सरकार की रीढ़ की हड्डी होते हैं। कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार के परिवार का हिस्सा थे, हैं और आगे भी रहेंगे। सरकार कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखती है, लेकिन इसके साथ ही पंजाब के करीब 3 करोड़ लोगों के हितों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
DA के मुद्दे पर अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को फिलहाल 42 प्रतिशत DA दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को इससे अधिक DA दे रही है, तो इसका यह मतलब नहीं है कि पंजाब सरकार भी उसी अनुपात में DA देने की स्थिति में हो।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हो सकती हैं, लेकिन इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से किया जा रहा बयानबाजी और कथित तौर पर गुमराह करने वाला प्रचार सही नहीं है। अमन अरोड़ा ने वेतन आयोग से जुड़े फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब इस आयोग का गठन किया गया था, उस समय पंजाब में किसकी सरकार थी, इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज नहीं कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि सरकार और कर्मचारी एक-दूसरे के पूरक हैं और कर्मचारियों के बिना सरकारी व्यवस्था को चलाना संभव नहीं है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े हर मुद्दे का समाधान बातचीत, विचार-विमर्श और आपसी सहमति के जरिए निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे सरकार पर भरोसा रखें और किसी भी मुद्दे को बातचीत के माध्यम से हल करने की दिशा में आगे बढ़ें।
