अगर आपके वाहन का कोई पुराना चालान लंबे समय से पेंडिंग पड़ा है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ट्रैफिक चालानों की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि सिर्फ ई-चालान काटना ही काफी नहीं है, बल्कि बकाया चालानों की वसूली के लिए जमीनी स्तर पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कोर्ट के निर्देशों के बाद अगर रैंडम चेकिंग के दौरान किसी वाहन का पुराना चालान बकाया मिलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही चालान क्लियर न होने तक RC रिन्यूअल, पता अपडेट करने और वाहन से जुड़ी कुछ अन्य ऑनलाइन सेवाओं पर भी रोक लग सकती है। फिटनेस सर्टिफिकेट, वाहन की बिक्री या मालिकाना हक ट्रांसफर जैसी सेवाओं को भी बकाया चालान से जोड़ा जा सकता है।
इसके अलावा बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस और PUC से जुड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के सामने यह बात भी आई कि देशभर में बड़ी संख्या में ई-चालान जारी किए जाते हैं, लेकिन इनकी पूरी वसूली नहीं हो रही है। यह मामला 2012 की एक जनहित याचिका से जुड़ा हुआ है। अब कोर्ट के सख्त रुख के बाद पुराने बकाया चालानों की वसूली के लिए कार्रवाई और तेज हो सकती है।
