पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा में डिप्टी लीडर अशोक मित्तल के घर और दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है. इस छापे के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर मान ने लिखा कि भाजपा द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू. आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ED की रेड, टिपिकल मोदी स्टाइल. हम भो पत्ते नहीं जो शाख से टूट कर गिर जाएँगे आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें.
आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के नेता अनुराग ढांढा ने लिखा कि बीजेपी ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरु कर दी है. आम आदमीं पार्टी के राज्यसभा सांसद और सदन में पार्टी के उपनेता अशोक मित्तल के यहाँ ईडी की रेड चल रही है. क्या बीजेपी कहीं भी अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकती? क्या बीजेपी जनता के बीच इतनी नकारा हो चुकी है कि उसकी सारी चुनाव तैयारियाँ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई से ही शुरु होती हैं? मोदी सरकार एक तानाशाह की तरह काम कर रही है. पंजाब के लोग आम आदमीं पार्टी के साथ हैं. करते रहो ईडी, सीबीआई बीजेपी वालों.
सिसोदिया ने कहा- चुनाव से पहले फौज का पहला दस्ता भेजा
AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा- जब भी किसी राज्य में चुनाव होता है तो मोदी अपनी चुनावी फौज का पहला दस्ता भेजते हैं- ED और CBI का। रेड करने का ड्रामा चलता है। फिर दंगे भड़काने वाली फौज जाती है। इसके बाद अमित शाह और मोदी के दौरे होते हैं। लेकिन मोदी ध्यान रखियेगा। ये पंजाब है। यहां बाबा साहेब और भगत सिंह से नफरत करने वालों की दाल नहीं गलने वाली।
बलबीर सिंह बोले- पिंजरे में बंद पिटबुल को छोड़ा
सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लिखा- भाजपा द्वारा आम आदमी पार्टी को कुचलने के लिए शर्मनाक और असंवैधानिक हथकंडे बेशर्मी से जारी रखे जा रहे हैं। अब पिंजरे में बंद पिटबुल (ED) को हमारे सांसद अशोक मित्तल पर छोड़ दिया गया है। हमारी पार्टी पर पिछली ईडी रेड से क्या हासिल हुआ? हमें परेशान करने और हमारे अधिकारों की हत्या करने के अलावा? कुछ नहीं। हम जीतेंगे। वहीं मंत्री हरभजन सिंह ETO ने लिखा- जब-जब भाजपा डरती है, ED को आगे करती है।
चुनाव से पहले नेताओं पर एक्शन का ट्रेंड
AAP ने इस रेड को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़ा है। इससे पहले भी चुनावी राज्यों में एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। 13 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को कोयला तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया।
इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में ही 9 अप्रैल 2026 को कृष्णा दमानी पर साउथ पॉइंट एजुकेशन सोसाइटी फंड हेराफेरी और 28 मार्च 2026 को अमित गांगुली पर जमीन कब्जाने और जालसाजी के मामले में कार्रवाई की गई।
इससे पहले 21 मार्च 2024 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी ED ने चुनाव से पहले शराब नीति में गड़बड़ी के आरोप लगा गिरफ्तारी की थी। इसी मामले में तेलंगाना की नेता कविता पर 15 मार्च 2024 को रेड और गिरफ्तारी हुई थी।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता हेमंत सोरेन पर 31 जनवरी 2024 को जमीन घोटाला मामले में ईडी ने कार्रवाई की थी। दिल्ली शराब नीति मामले में ही आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह पर 4 अक्टूबर 2023 और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर 9 मार्च 2023 को रेड और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई थी। पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और झारखंड से जुड़े इन नेताओं पर चुनाव से पहले रेड हुई हैं। ये वो राज्य थे जहां पर गैर-भाजपा सरकारें थीं।
